Friday, 4 September 2015

बाल जीवन संवारता शिक्षक...



आदर्शों की मिसाल बनकर
बाल जीवन संवारता शिक्षक,

सदाबहार फूल-सा खिलकर
महकता और महकाता शिक्षक,

नित नए प्रेरक आयाम लेकर
हर पल भव्य बनाता शिक्षक,

संचित ज्ञान का धन हमें देकर
खुशियां खूब मनाता शिक्षक,

पाप व लालच से डरने की
धर्मीय सीख सिखाता शिक्षक,

देश के लिए मर मिटने की
बलिदानी राह दिखाता शिक्षक,

प्रकाशपुंज का आधार बनकर
कर्तव्य अपना निभाता शिक्षक,

प्रेम सरिता की बनकर धारा
नैया पार लगाता शिक्षक।

- तरुणा खुराना

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Shikshak hai shiksha ka saagar,
shikshak baantein gyaan braabar,
shikshak mandir jaisi puja,
mata-pita ka naam hai duja,
pyaase ko jaise milta paani,
sikshak hai wo hi zindagaani, shikshak na dekhe jaat-paat,
shikshak na karta paksh-paat,
nirdhan ho ya ho dhanwaan,
sikshak ko sab ek samaan.shikshak maajhi, naav, kinaara,
shikshak dubate ko sahaara,
shikshak ka sada hi kehana,

shram, lagan hai sachcha gehanaa.

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गुरूदेव के श्रीचरणों में 
श्रद्धा सुमन संग वंदन 
जिनके कृपा नीर से 
जीवन हुआ चंदन 
धरती कहती अंबर कहते 
कहती यही तराना 
गुरू आप ही पावन नूर हैं 
जिनसे रौशन हुआ जमाना

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गुमनामी के अंधेरे में था 
पहचान बना दिया..!! 
दुनिया के गम से मुझे
 अनजान बना दिया..!! 
उनकी ऐसी कृपा हुई 
गुरू ने मुझे एक 
अच्छा इंसान बना दिया!! 

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Nhi hai shabd kese karu dhanyavad,
Bs chahiye hr pl aap sbka aashirvaad
Hu jaha aaj me usme h bada yogdan
Aap sbka jinhone diya mujhe itna gyan



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Sahi kya h galat kya h
Ye sabak padhate h aap.
Jhuth kya h or sach kya h
Ye baat smjhate h aap.
Jb sujhta nhi kuchh b,
Raho ko saral banate h aap



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Guru ka mahetv kabhi hoga na kum
Bhale kar le kitni bhi unnati hum,
Wese to h internet pe hr tarah ka gyan
Pr ache bure ki nhi hai use pehchaan



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गुरुब्रम्हा गुरुर्विष्णु गुरुदेवो महेश्वराः.!!
गुरुसाक्षात्र परब्रम्हा तस्मै श्रीगुरवे नमः.!!
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गुरू गोविंद दोउ खड़े, 
काके लागू पाव,
बलिहारी गुरू आपने,
गोविंद दियो बताय..!!!
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गुरु का महत्व कभी होगा न कम,
भले कर ले कितनी भी उन्नति हम,
वैसे तो है इंटरनेट पे हर प्रकार का ज्ञान,

पर अचे बुरे की नहीं है उसे पहचान.....

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माँ - बाप की मूरत है गुरु,
कलयुग में भगवन की सूरत है गुरु,
अक्षर ज्ञान ही नहीं, गुरु ने सिखाया जीवन ज्ञान,
गुरु -मंत्र को आत्मसात कर हो जाओ भवसागर से पार …!!!
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माता गुरु हैं,
पिता भी गुरु हैं,
विद्यालय के अध्यापक भी गुरु है,
 जिससे भी कुछ सीखा हैं हमने,

हमारे लिए हर वो शक्श गुरु है..... 

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